दुनियाएँ जो आप ख़ुद खड़ी करते हैं
कल्पना वह विधा है जिसके लिए ऑडियो बना है। यहाँ किसी चीज़ का बजट नहीं होता। एक शहर एक पंक्ति में बताया जा सकता है और पूरा का पूरा आपकी आँखों के पीछे बन जाता है, उसी सामान से सजा जो आप साथ लाए हैं। कोई दो श्रोता एक-सी जगह नहीं सुनते।
इसीलिए अच्छी सुनाई गई कल्पना-कथा फ़िल्म से बड़ी लग सकती है। सुनाने वाला ख़ाका देता है और बाक़ी आप पर छोड़ देता है — यह साझेदारी देखने में नहीं मिलती।














