कहा जाता है कि फीनिक्स एक की लपटों में मर जाता है, लेकिन लोग अक्सर यह भूल जाते हैं कि वह जलने का चुनाव खुद करता है। बादलों के ऊपर, राजाओं और ड्रैगन्स के पहनावे से दूर, सोलारा की भूली-बिसरी चोटियां स्थित थीं। समय, धूप और राख से बुनी अपनी कोशलें में दुनिया की आखिरी फीनिक्स रहती थी, जिसका नाम औरेलिया (Aurelia) था।
औरेलिया मांस और पंखों की पक्षी नहीं, बल्कि प्रकाश और अंगारों से बनी थी। इसके पंख तारों की धूल छोड़ते थे और इसकी आंखें पिघले हुए सोने की तरह चमकती थीं। हर हजार साल में वह पुनर्जन्म के लिए खुद को जलाने का विकल्प चुनती थी। लेकिन इस बार वह चिंतित रही थी।
कहा जाता है कि फीनिक्स एक की लपटों में मर जाता है, लेकिन लोग अक्सर यह भूल जाते हैं कि वह जलने का चुनाव खुद करता है। बादलों के ऊपर, राजाओं और ड्रैगन्स के पहनावे से दूर, सोलारा की भूली-बिसरी चोटियां स्थित थीं। समय, धूप और राख से बुनी अपनी कोशलें में दुनिया की आखिरी फीनिक्स रहती थी, जिसका नाम औरेलिया (Aurelia) था।
औरेलिया मांस और पंखों की पक्षी नहीं, बल्कि प्रकाश और अंगारों से बनी थी। इसके पंख तारों की धूल छोड़ते थे और इसकी आंखें पिघले हुए सोने की तरह चमकती थीं। हर हजार साल में वह पुनर्जन्म के लिए खुद को जलाने का विकल्प चुनती थी। लेकिन इस बार वह चिंतित रही थी।