विक्रम और बेताल की कहानियाँ ऑडियो में सुनें। 25 पहेली कथाएँ जहाँ राजा विक्रमादित्य एक प्रेतात्मा को ले जाते हैं जो असंभव नैतिक पहेलियाँ पूछता है। Storiyaa पर मुफ्त।
विश्व साहित्य में कुछ ही कथा-चक्र विक्रम और बेताल की कहानियों जितने चतुराई से रचे गए हैं। बैताल पचीसी — "बेताल की पच्चीस कहानियाँ" — का हिस्सा, यह संग्रह फ्रेम नैरेटिव का सबसे पुराना उदाहरण है, जिसे बाद में कैंटरबरी टेल्स और अलिफ़ लैला में भी अपनाया गया।
कथा सरल है। राजा विक्रमादित्य — उज्जैन के महान शासक — को एक तांत्रिक के कहने पर श्मशान के पेड़ से लटके बेताल (एक प्रेतात्मा) को पकड़कर लाना है। जब भी विक्रम शव को कंधे पर उठाकर चलते हैं, बेताल एक कहानी सुनाता है जो एक असंभव नैतिक प्रश्न पर समाप्त होती है। अगर विक्रम जवाब जानते हैं और चुप रहें, तो उनका सिर फट जाएगा। अगर बोलें, तो बेताल उड़कर पेड़ पर वापस चला जाता है।
चौबीस बार विक्रम जवाब देते हैं। चौबीस बार बेताल भाग जाता है। पच्चीसवीं कहानी में बेताल ऐसा प्रश्न पूछता है जिसका सच में कोई उत्तर नहीं — और विक्रम की चुप्पी अंततः जादू तोड़ देती है।
विक्रम-बेताल की कहानियाँ बोलकर सुनाने के लिए जन्मी हैं। कहानी, सवाल, जवाब, उड़ान, वापसी — इस ढाँचे में एक लय है जो लगभग संगीतमय है। Storiyaa पर विक्रम और बेताल की कहानियाँ सुनें — हमारी पूरी लाइब्रेरी देखें और मुफ्त सुनें।
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