Aarav ke bade sapane
Educational

Aarav ke bade sapane

11 PLAYS
0.0
by Ashwini Amol Nanal
Hindi Moral Tales (hi)

Episode 3 of a series

Hindi Moral Tales (hi)

Story Transcript

यह कहानी है एक 12 साल की लड़की आरव की जो एक छोटे से गांव में रहता था। आरव का सपना था कि वह एक बड़ा वैज्ञानिक बने और अपने गांव के लिए कुछ खास करें, लेकिन उसके रास्ते में कई मुश्किलें थी। गांव में बिजली की कमी थी। स्कूल में अच्छे साधन ही नहीं थे और लोग अक्सर कहते थे। इतने छोटे गांव से कोई बड़ा इंसान नहीं बन सकता। एक दिन आराम ने अपने स्कूल में एक पुरानी किताब पड़ी। जिसमें थॉमस एडिसन की कहानी थी एडिसन ने हजारों बार असफल होने के लिए। होने के बाद भी बल्ब का आविष्कार किया। यह पढ़कर आरव के मन में जोश जगह उसने सोचा, अगर एडिशन हार नहीं माना तो मैं क्यों मानूं? आरव ने अपने सपने को हकीकत बनाने का फैसला किया। उसने अपने घर के पास एक छोटी सी प्रयोगशाला बनाई जिसमें पुरानी सामान जैसे टूटी फूटी, बैटरी, तार और लकड़ी का इस्तेमाल किया। रात रात भर वह पढ़ाई करता और छोटे-छोटे प्रयोग करता। गांव के लोगों ने उसका मजाक उड़ाया। पर उसकी मां हमेशा कहती थी। बेटा मेहनत और विश्वास के साथ कुछ भी संभव नहीं। एक दिन स्कूल में एक विज्ञान प्रतियोगिता हुई। आरव ने अपने बनाए सोलर लैंप को पेश किया जो सूरज की रोशनी से चला था। यह लब उसने अपने गांव के बिजली की समस्या को ध्यान में रखकर बनाया था। जज हैरान रह गए कि इतना छोटा लड़का इतना शानदार आविष्कार कैसे कर सकता है? कोई भी सपना छोटा या बड़ा नहीं होता। अगर तुम मेहनत करो, हर न मानो और अपने लक्ष्य पर ध्यान दो तो दुनिया की कोई ताकत तुम्हें नहीं रोक सकती। बस अपने दिल की सुनो और आगे बढ़ते रहो।

Reviews

0.0

Rate this story

Loading reviews...