सच्ची मित्रता और भालू की सीख
Folklore

सच्ची मित्रता और भालू की सीख

दो मित्र जंगल में मिलते हैं भालू से, एक पेड़ पर चढ़ जाता है, दूसरा ज़मीन पर मृत बनने का नाटक करता है। अंत में भालू की सीख और मित्रता की सच्ची पहचान सा...

16 PLAYS
by Storiyaa Editorial
पंचतंत्र की कहानियाँ

Episode 12 of 25

पंचतंत्र की कहानियाँ

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चालाक कौआ और घड़े की सीख

  1. बातूनी कछुआ - एक जानलेवा चुप्पी

    Ep 14:0764 plays

  2. नेवले का बलिदान - पंचतंत्र की कहानी

    Ep 25:5814 plays

  3. बंदर और मगरमच्छ

    Ep 31:2713 plays3 ✦

  4. नीला सियार

    Ep 42:085 plays3 ✦

  5. चालाक बगुला और समझदार केकड़ा

    Ep 54:0060 plays3 ✦

  6. पंचतंत्र की मित्रता: चूहों और हाथियों की कथा

    Ep 63:315 plays3 ✦

  7. चालाक खरगोश और शेर का अक्स

    Ep 74:057 plays3 ✦

  8. कौए और सियार की चालाकी: पंचतंत्र की कहानी

    Ep 83:215 plays3 ✦

  9. सांप, नेवला और अधीर माँ: पंचतंत्र की सीख

    Ep 93:393 plays3 ✦

  10. शेर और चूहे की दोस्ती: ईसप की सीख

    Ep 103:171 play3 ✦

  11. लोमड़ी और खट्टी अंगूर की कहानी (ईसप की कथा)

    Ep 113:353 ✦

  12. सच्ची मित्रता और भालू की सीख

    Ep 123:0016 plays3 ✦

  13. चालाक कौआ और घड़े की सीख

    Ep 133:423 ✦

  14. चालाक गीदड़ और भूखा बाघ: लोककथा की सीख

    Ep 143:233 ✦

  15. चालाक सियार और भोला हिरन: पंचतंत्र की सीख

    Ep 153:543 ✦

  16. ब्राह्मण, बकरी और तीन चालाक चोरों की कहानी

    Ep 163:203 plays3 ✦

  17. बंदर की नकलची आदत और दुखद सजा

    Ep 173:543 ✦

  18. शेर, ऊँट और चालाक सियार की कहानी

    Ep 183:413 ✦

  19. शेर की खाल में गधा: पंचतंत्र की सीख

    Ep 192:553 ✦

  20. धर्म की परीक्षा: राजकुमार की अनोखी परीक्षा

    Ep 203:453 plays3 ✦

  21. बलिदानी बंदर राजाः एक प्रेरणादायक जातक कथा

    Ep 213:543 ✦

  22. खरगोश का त्याग: एक प्रेरणादायक कहानी

    Ep 223:573 ✦

  23. ईर्ष्या की आग: रानी, हाथी और पूर्व जन्म की कथा

    Ep 234:093 ✦

  24. सुनहरे हिरण राजा की करुणा और बलिदान

    Ep 244:053 ✦

  25. हँसी का इलाज: राजा और वैद्य की कहानी

    Ep 254:153 ✦

About This Story

Story Transcript

बहुत समय पहले की बात है। एक छोटे से गाँव में दो घनिष्ठ मित्र रहते थे—रामु और श्याम। दोनों बचपन से ही साथ खेले, साथ बड़े हुए और एक-दूसरे की मदद करते आए थे। एक दिन उन्होंने सोचा, क्यों न जंगल में घूमने चलें और प्रकृति का आनंद लें। सुबह-सुबह दोनों खाने-पीने का सामान लेकर जंगल की ओर चल पड़े। जंगल में हल्की-हल्की धूप थी, चारों ओर हरे-भरे पेड़ और चहचहाती चिड़ियाँ थीं। दोनों दोस्त बातें करते-करते आगे बढ़ते रहे। तभी, श्याम ने चिंतित स्वर में कहा, "रामु, सुना है जंगल में भालू भी रहते हैं। अगर हमें भालू मिल गया तो क्या करेंगे?" रामु ने हँसते हुए जवाब दिया, "डर मत श्याम! अगर हम साथ हैं तो कोई भी मुश्किल आसान है।" वे दोनों आगे बढ़ते रहे। अचानक, झाड़ियों में से हलचल हुई और एक बड़ा सा भालू उनके सामने आ गया। भालू को देखकर दोनों दोस्त डर के मारे कांपने लगे। वो जान गए थे कि अब भागना बेकार है क्योंकि भालू बहुत तेज दौड़ सकता है। रामु जल्दी-से एक पेड़ पर चढ़ गया। वह जानता था कि भालू पेड़ पर नहीं चढ़ सकता। लेकिन श्याम पेड़ पर चढ़ने में सक्षम नहीं था। डर के मारे उसके हाथ-पाँव काँप रहे थे। उसने सोचा कि शायद भालू मरे हुए प्राणी को नहीं खाता। उसने जल्दी-से ज़मीन पर लेट कर साँस रोक ली और एकदम स्थिर हो गया, जैसे कि वह मर गया हो। भालू श्याम के पास आया। उसने श्याम को सूँघा, उसके कान के पास मुँह ले जाकर कुछ फुसफुसाया, और फिर धीरे-धीरे वहाँ से चला गया। रामु पेड़ से नीचे उतरा और दौड़कर श्याम के पास आया। उसने देखा कि श्याम सुरक्षित है तो चैन की साँस ली। रामु ने हँसते हुए पूछा, "श्याम, भालू तुम्हारे कान में क्या कह रहा था?" श्याम ने गंभीरता से उत्तर दिया, "भालू ने कहा कि कभी ऐसे मित्र पर भरोसा मत करना, जो मुश्किल में तुम्हारा साथ छोड़कर भाग जाए।" रामु को यह सुनकर बहुत शर्म आई। उसने महसूस किया कि उसने अपने मित्र की सच्ची परीक्षा में साथ नहीं दिया। श्याम ने कहा, "सच्चा मित्र वही है, जो मुसीबत में तुम्हारे साथ खड़ा रहे।" रामु ने श्याम से क्षमा मांगी, "मुझे माफ कर दो, श्याम। मैं डर गया था और तुम्हें अकेला छोड़ दिया। अब से मैं सच्चा मित्र बनकर रहूँगा।" श्याम मुस्कुराया और बोला, "कोई बात नहीं, हर गलती से कुछ सीखना चाहिए।" दोनों दोस्त गले मिले और वापस गाँव लौट आए। उस दिन के बाद, रामु ने सच्ची मित्रता का महत्व समझा और कभी भी श्याम का साथ नहीं छोड़ा। इस कहानी से हमें यही सीख मिलती है कि संकट के समय में ही सच्चे मित्र की पहचान होती है। जो दोस्त मुसीबत में साथ दे, वही असली मित्र होता है। कहानी का सार यही है: "सच्चा मित्र वही है, जो मुश्किल घड़ी में आपका साथ न छोड़े।"